दायभाग सिद्धांत: हिंदू उत्तराधिकार कानून की एक महत्वपूर्ण परंपरा
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बाणभट्ट भारत में 7 वीं शताब्दी राजा हर्षवर्धन के दरबार में एक संस्कृत गद्य लेखक और कवी थे। बाणभट्ट के प्रमुख कार्य – हर्षचरितम् और कादंबरी।
वैदिक साहित्य से तात्पर्य उस पूर्ण साहित्य से है जिसमें वेद, ब्राह्मण, अरण्यक एवं उपनिषद् शामिल हैं। वैदिक साहित्य को ‘श्रुति’ कहा जाता है।
प्राचीन भारतीय इतिहास को जानने में साहित्यिक श्रोतो का बहुत योगदान होता है। साहित्यिक श्रोते भरोसेमंद तथा कारगर साबित होते है।
आहट सिक्कों भारत के शुरुआती सिक्कों का एक प्रकार है। यह छठी और दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के बीच की थी। यह अनियमित आकार का था।
पुष्यभूति राजवंश ने 6वीं और 7वीं शताब्दी के दौरान उत्तरी भारत पर शासन किया। अंतिम शासक हर्ष-वर्धन ने राजवंश को चरम पर पहुंचाया।
राज्यवर्धन, प्रभाकरवर्धन के बड़े पुत्र, अपने पिता की मृत्यु के बाद सिंहासन पर चढ़ा और उसके छोटे भाई, हर्ष ने उसका उत्तराधिकारी बना।
भारत की सबसे प्राचीन नगरी काशी (वाराणसी) को मोक्ष की भूमि कहा जाता है।यहीं स्थित है काशी विश्वनाथ मंदिर, जो
काशी विश्वनाथ मंदिर: मोक्ष का द्वार और सनातन आस्था का केंद्र Read More »
भारत के ओडिशा राज्य में स्थित पुरी का जगन्नाथ मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है,बल्कि यह आस्था, रहस्य और
पुरी का जगन्नाथ मंदिर: रहस्य, परंपराएँ और अद्भुत आस्था का केंद्र Read More »