उदंत मार्तंड, पहला हिंदी भाषा का समाचार पत्र, 30 मई 1826 को कलकत्ता में साप्ताहिक समाचार पत्र था जो हर मंगलवार को प्रकाशित होता था।

उदंत मार्तंड – पहला हिंदी भाषा का समाचार पत्र

उदंत मार्तंड, पहला हिंदी भाषा का समाचार पत्र, 30 मई 1826 को कलकत्ता में साप्ताहिक समाचार पत्र था जो हर मंगलवार को प्रकाशित होता था।

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जेम्स सिल्क बकिंघम एक कोर्निश में जन्मे ब्रिटिश लेखक, पत्रकार और यात्री थे। उन्हें भारतीय पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए जाना जाता था।

जेम्स सिल्क बकिंघम – ब्रिटिश लेखक, पत्रकार और यात्री

जेम्स सिल्क बकिंघम एक कोर्निश में जन्मे ब्रिटिश लेखक, पत्रकार और यात्री थे। उन्हें भारतीय पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए जाना जाता था।

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नरोत्तम दास ठाकुर, उन्हें ठाकुर महाशय भी कहा जाता है, गौड़ीय वैष्णव संत थे। वह पूरे ओडिशा में वैष्णव भक्ति फैलाने के लिए जाने जाते थे।

नरोत्तम दास ठाकुर – गौड़ीय वैष्णव संत

नरोत्तम दास ठाकुर, उन्हें ठाकुर महाशय भी कहा जाता है, गौड़ीय वैष्णव संत थे। वह पूरे ओडिशा में वैष्णव भक्ति फैलाने के लिए जाने जाते थे।

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कौटिल्य और उनका सप्तांग सिद्धांत: एक आदर्श राज्य की नींव

भारतीय इतिहास में कौटिल्य (चाणक्य) का नाम राजनीति, कूटनीति और शासन व्यवस्था का पर्याय माना जाता है।वे मौर्य साम्राज्य के

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बिरसा मुंडा: आदिवासियों के मसीहा और जनक्रांति के नायक

जब भी भारत के स्वतंत्रता संग्राम की बात होती है, तो बड़े नेताओं के नाम सामने आते हैं।लेकिन उन जंगलों,

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हड़प्पा सभ्यता की खुदाई से पृथ्वी में दबी मुहरें निकलीं, जो पत्थर, टेराकोटा और तांबे से बनी थीं। वो आयताकार, गोलाकार या बेलनाकार भी होती हैं।

हड़प्पा सभ्यता की मुहरें

हड़प्पा सभ्यता की खुदाई से पृथ्वी में दबी मुहरें निकलीं, जो पत्थर, टेराकोटा और तांबे से बनी थीं। वो आयताकार, गोलाकार या बेलनाकार भी होती हैं।

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30 सितंबर 1862 को ओटो वॉन बिस्मार्क ने ब्लड एंड आयरन (रक्त और लौह) नामक भाषण दिया। विश्व पहली बार रक्त और लौह नीति से अवगत हुआ।

रक्त और लौह नीति – क्रूरता का दूसरा नाम

30 सितंबर 1862 को ओटो वॉन बिस्मार्क ने ब्लड एंड आयरन नामक भाषण दिया। विश्व पहली बार रक्त और लौह नीतिसे अवगत हुआ।

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