कानपुर का इतिहास
1207 में, कान्हपुरिया कबीले के राजा कान्ह देव ने कान्हपुर गाँव की स्थापना की, जिसे बाद में कानपुर के नाम से जाना जाने लगा।
1207 में, कान्हपुरिया कबीले के राजा कान्ह देव ने कान्हपुर गाँव की स्थापना की, जिसे बाद में कानपुर के नाम से जाना जाने लगा।
इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का संग्रह नहीं है — यह मानव अनुभवों का दर्पण है।हर युद्ध, हर साम्राज्य और
इतिहास से नेतृत्व के 10 अद्भुत सबक (History se Leadership ke 10 Lessons) Read More »
नदी घाटी सभ्यता एक कृषि सभ्यता है जो नदी के किनारे स्थित है। नदी निवासियों को पीने और कृषि के लिए पानी का एक अच्छा स्रोत प्रदान करती है।
तारानाथ (1575-1634) तिब्बती बौद्ध धर्म के जोनांग स्कूल के लामा थे। उन्हें सबसे उल्लेखनीय विद्वान और प्रतिपादक के रूप में पहचाना जाता है।
लखनऊ का इतिहास सूर्यवंशी राजवंश के प्राचीन काल से लेकर मुस्लिम साम्राज्यों और अंग्रेजों के शासन है। यह गोमती नदी के पास स्थित है।
प्रार्थना समाज की स्थापना 1863 बॉम्बे, भारत में पहले के सुधार आंदोलनों पर आधारित धार्मिक और सामाजिक सुधार के लिए एक आंदोलन था।
क्रांतिसिंह नाना पाटिल एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद थे, जो मराठवाड़ा के बीड जिले की सेवा कर रहे थे।
दिव्यावदान बौद्ध अवधाना कथाओं की एक संस्कृत ग्रंथावली है, जो मूलसर्वादिदिन विनय ग्रंथों में उत्पन्न हुई है। ग्रंथावली में 38 अवधान शामिल हैं।
दिव्यावदान – बौद्ध अवधाना कथाओं की एक संस्कृत ग्रंथावली Read More »
काशी राव होल्कर मराठों के होलकर वंश के इंदौर के महाराजा थे। वे श्रीमंत सरदार तुकोजी राव होल्कर की पहली पत्नी से जन्मे सबसे बड़े पुत्र थे।