मध्यकालीन भारतीय इतिहास

पारंपरिक साहित्य में चेतक या सेतक के रूप में जाना जाता है जिसे हल्दीघाटी की लड़ाई में महाराणा प्रताप द्वारा सवारी किया गया था.

चेतक – महाराणा प्रताप का घोड़ा

पारंपरिक साहित्य में चेतक या सेतक के रूप में जाना जाता है जिसे हल्दीघाटी की लड़ाई में महाराणा प्रताप द्वारा सवारी किया गया था.

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काशी विश्वनाथ मंदिर: मोक्ष का द्वार और सनातन आस्था का केंद्र

भारत की सबसे प्राचीन नगरी काशी (वाराणसी) को मोक्ष की भूमि कहा जाता है।यहीं स्थित है काशी विश्वनाथ मंदिर, जो

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सोमनाथ मंदिर: आस्था, संघर्ष और पुनर्निर्माण की अमर गाथा

भारत के गुजरात राज्य के सौराष्ट्र तट पर अरब सागर के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिरकेवल एक मंदिर नहीं, बल्कि यह

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कोणार्क का सूर्य मंदिर: इतिहास, रहस्य और दर्शन की प्रमुख विशेषताएँ

भारत प्राचीन मंदिरों और अद्भुत स्थापत्य का देश है। इन्हीं में एक है कोणार्क सूर्य मंदिर, जो ओडिशा राज्य में

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बिरसा मुंडा: आदिवासियों के मसीहा और जनक्रांति के नायक

जब भी भारत के स्वतंत्रता संग्राम की बात होती है, तो बड़े नेताओं के नाम सामने आते हैं।लेकिन उन जंगलों,

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काशी राव होल्कर मराठों के होलकर वंश के इंदौर के महाराजा थे। वे श्रीमंत सरदार तुकोजी राव होल्कर की पहली पत्नी से जन्मे सबसे बड़े पुत्र थे।

काशी राव होल्कर – तुकोजी राव होल्कर के पुत्र

काशी राव होल्कर मराठों के होलकर वंश के इंदौर के महाराजा थे। वे श्रीमंत सरदार तुकोजी राव होल्कर की पहली पत्नी से जन्मे सबसे बड़े पुत्र थे।

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हरकेली नाटक, जिसे ललिता विग्रहराज नाटक भी कहा जाता है, एक संस्कृत नाटक है जो चौहान राजा विग्रहराज चतुर्थ उर्फ ​​विसलदेव द्वारा लिखा गया है।

हरकेली नाटक – राजा विग्रहराज IV द्वारा लिखा संस्कृत नाटक

हरकेली नाटक, जिसे ललिता विग्रहराज नाटक भी कहा जाता है, एक संस्कृत नाटक है जो चौहान राजा विग्रहराज चतुर्थ उर्फ ​​विसलदेव द्वारा लिखा गया है।

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श्रीमंत पेशवा नारायण राव भट नवंबर 1772 से अगस्त 1773 में उनकी हत्या तक मराठा साम्राज्य के 10वें पेशवा थे। उनका जन्म 10 अगस्त 1755 को हुआ था।

नारायण राव पेशवा – उनकी हत्या की कहानी

श्रीमंत पेशवा नारायण राव भट नवंबर 1772 से अगस्त 1773 में उनकी हत्या तक मराठा साम्राज्य के 10वें पेशवा थे। उनका जन्म 10 अगस्त 1755 को हुआ था।

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