प्राचीन भारतीय इतिहास

Banabhatta was the court poet of King HArshavardhana

बाणभट्ट – राजा हर्षवर्धन का दरबार

बाणभट्ट भारत में 7 वीं शताब्दी राजा हर्षवर्धन के दरबार में एक संस्कृत गद्य लेखक और कवी थे। बाणभट्ट के प्रमुख कार्य – हर्षचरितम् और कादंबरी।

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इतिहास एक कला है अथवा विज्ञान या इसे कला और विज्ञानं दोनों कह सकते है।

प्राचीन भारतीय इतिहास के साहित्यिक स्रोत

प्राचीन भारतीय इतिहास को जानने में साहित्यिक श्रोतो का बहुत योगदान होता है। साहित्यिक श्रोते भरोसेमंद तथा कारगर साबित होते है।

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राज्यवर्धन, प्रभाकरवर्धन के बड़े पुत्र, अपने पिता की मृत्यु के बाद सिंहासन पर चढ़ा और उसके छोटे भाई, हर्ष ने उसका उत्तराधिकारी बना।

राज्यवर्धन – राजा हर्षवर्धन का भाई

राज्यवर्धन, प्रभाकरवर्धन के बड़े पुत्र, अपने पिता की मृत्यु के बाद सिंहासन पर चढ़ा और उसके छोटे भाई, हर्ष ने उसका उत्तराधिकारी बना।

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काशी विश्वनाथ मंदिर: मोक्ष का द्वार और सनातन आस्था का केंद्र

भारत की सबसे प्राचीन नगरी काशी (वाराणसी) को मोक्ष की भूमि कहा जाता है।यहीं स्थित है काशी विश्वनाथ मंदिर, जो

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पुरी का जगन्नाथ मंदिर: रहस्य, परंपराएँ और अद्भुत आस्था का केंद्र

भारत के ओडिशा राज्य में स्थित पुरी का जगन्नाथ मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है,बल्कि यह आस्था, रहस्य और

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शुद्धोदन, शाक्य का शासक, जो कपिलवस्तु में अपनी राजधानी के साथ भारतीय उपमहाद्वीप पर कुलीन गणराज्य में रहता था। वह सिद्धार्थ गौतम के पिता थे।

शुद्धोदन – गौतम बुद्ध के पिता

शुद्धोदन, शाक्य का शासक, जो कपिलवस्तु में अपनी राजधानी के साथ भारतीय उपमहाद्वीप पर कुलीन गणराज्य में रहता था। वह सिद्धार्थ गौतम के पिता थे।

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