धार्मिक

कोणार्क का सूर्य मंदिर: इतिहास, रहस्य और दर्शन की प्रमुख विशेषताएँ

भारत प्राचीन मंदिरों और अद्भुत स्थापत्य का देश है। इन्हीं में एक है कोणार्क सूर्य मंदिर, जो ओडिशा राज्य में […]

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तारानाथ (1575-1634) तिब्बती बौद्ध धर्म के जोनांग स्कूल के लामा थे। उन्हें सबसे उल्लेखनीय विद्वान और प्रतिपादक के रूप में पहचाना जाता है।

तारानाथ

तारानाथ (1575-1634) तिब्बती बौद्ध धर्म के जोनांग स्कूल के लामा थे। उन्हें सबसे उल्लेखनीय विद्वान और प्रतिपादक के रूप में पहचाना जाता है।

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दिव्यावदान बौद्ध अवधाना कथाओं की एक संस्कृत ग्रंथावली है, जो मूलसर्वादिदिन विनय ग्रंथों में उत्पन्न हुई है। ग्रंथावली में 38 अवधान शामिल हैं।

दिव्यावदान – बौद्ध अवधाना कथाओं की एक संस्कृत ग्रंथावली

दिव्यावदान बौद्ध अवधाना कथाओं की एक संस्कृत ग्रंथावली है, जो मूलसर्वादिदिन विनय ग्रंथों में उत्पन्न हुई है। ग्रंथावली में 38 अवधान शामिल हैं।

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हिंदू धर्म में आश्रम व्यवस्था उम्र के आधार पर मनुष्य का जीवन विभाजित किया है: ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास (त्याग) हैं।

वैदिक काल में आश्रम व्यवस्था

हिंदू धर्म में आश्रम व्यवस्था उम्र के आधार पर मनुष्य का जीवन विभाजित किया है: ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास (त्याग) हैं।

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वैदिक साहित्य प्राचीन भारतीय इतिहास के सर्वश्रेष्ठ स्रोतों में से एक है। चार वेद हैं - ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद।

चार वेद क्या हैं? – नाम और विशेषताएँ

वैदिक साहित्य प्राचीन भारतीय इतिहास के सर्वश्रेष्ठ स्रोतों में से एक है। चार वेद हैं – ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद।

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नरोत्तम दास ठाकुर, उन्हें ठाकुर महाशय भी कहा जाता है, गौड़ीय वैष्णव संत थे। वह पूरे ओडिशा में वैष्णव भक्ति फैलाने के लिए जाने जाते थे।

नरोत्तम दास ठाकुर – गौड़ीय वैष्णव संत

नरोत्तम दास ठाकुर, उन्हें ठाकुर महाशय भी कहा जाता है, गौड़ीय वैष्णव संत थे। वह पूरे ओडिशा में वैष्णव भक्ति फैलाने के लिए जाने जाते थे।

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