धार्मिक

वर्ण व्यवस्था: अर्थ, उत्पत्ति और सामाजिक प्रभाव

भारतीय समाज की संरचना को समझने के लिए वर्ण व्यवस्था को समझना अत्यंत आवश्यक है।वर्ण व्यवस्था प्राचीन भारत की एक […]

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काशी विश्वनाथ मंदिर: मोक्ष का द्वार और सनातन आस्था का केंद्र

भारत की सबसे प्राचीन नगरी काशी (वाराणसी) को मोक्ष की भूमि कहा जाता है।यहीं स्थित है काशी विश्वनाथ मंदिर, जो

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सोमनाथ मंदिर: आस्था, संघर्ष और पुनर्निर्माण की अमर गाथा

भारत के गुजरात राज्य के सौराष्ट्र तट पर अरब सागर के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिरकेवल एक मंदिर नहीं, बल्कि यह

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पुरी का जगन्नाथ मंदिर: रहस्य, परंपराएँ और अद्भुत आस्था का केंद्र

भारत के ओडिशा राज्य में स्थित पुरी का जगन्नाथ मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है,बल्कि यह आस्था, रहस्य और

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कोणार्क का सूर्य मंदिर: इतिहास, रहस्य और दर्शन की प्रमुख विशेषताएँ

भारत प्राचीन मंदिरों और अद्भुत स्थापत्य का देश है। इन्हीं में एक है कोणार्क सूर्य मंदिर, जो ओडिशा राज्य में

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नरोत्तम दास ठाकुर, उन्हें ठाकुर महाशय भी कहा जाता है, गौड़ीय वैष्णव संत थे। वह पूरे ओडिशा में वैष्णव भक्ति फैलाने के लिए जाने जाते थे।

नरोत्तम दास ठाकुर – गौड़ीय वैष्णव संत

नरोत्तम दास ठाकुर, उन्हें ठाकुर महाशय भी कहा जाता है, गौड़ीय वैष्णव संत थे। वह पूरे ओडिशा में वैष्णव भक्ति फैलाने के लिए जाने जाते थे।

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तारानाथ (1575-1634) तिब्बती बौद्ध धर्म के जोनांग स्कूल के लामा थे। उन्हें सबसे उल्लेखनीय विद्वान और प्रतिपादक के रूप में पहचाना जाता है।

तारानाथ

तारानाथ (1575-1634) तिब्बती बौद्ध धर्म के जोनांग स्कूल के लामा थे। उन्हें सबसे उल्लेखनीय विद्वान और प्रतिपादक के रूप में पहचाना जाता है।

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