Author name: Priyanka Sharma

राणा रायमल मेवाड़ के एक राजपूत शासक थे। वह राणा कुंभा के पुत्र थे। उन्होंने मेवाड़ राज्य को मजबूत किया तथा एकलिंगजी, चित्तौड़ के मंदिर की भी मरम्मत करवाई।

राणा रायमल

राणा रायमल राणा कुंभा के पुत्र तथा मेवाड़ के शासक थे। उन्होंने मेवाड़ राज्य को मजबूत किया तथा एकलिंगजी, चित्तौड़ के मंदिर की भी मरम्मत करवाई।

राणा रायमल Read More »

लॉर्ड रिपन 1880 से 1884 तक भारत के वायसराय थे। ग्लेडस्टोन ने सत्ता में आने के बाद रिपन को चुना और उन्हें वायसराय के रूप में भारत भेजा।

भारत में लॉर्ड रिपन व उनके द्वारा लाये गए सुधार

लॉर्ड रिपन 1880 से 1884 तक भारत के वायसराय थे। उन्होंने भारत में कई महत्वपूर्ण सुधार किये जैसे – स्थानीय स्वशासन, कारखाना अधिनियम, इत्यादि।

भारत में लॉर्ड रिपन व उनके द्वारा लाये गए सुधार Read More »

Banabhatta was the court poet of King HArshavardhana

बाणभट्ट – राजा हर्षवर्धन का दरबार

बाणभट्ट भारत में 7 वीं शताब्दी राजा हर्षवर्धन के दरबार में एक संस्कृत गद्य लेखक और कवी थे। बाणभट्ट के प्रमुख कार्य – हर्षचरितम् और कादंबरी।

बाणभट्ट – राजा हर्षवर्धन का दरबार Read More »

Fort william is a fort of calcutta

अलीनगर की संधि, 1757- कारण, प्रावधान और परिणाम

अलीनगर की संधि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के रॉबर्ट क्लाइव और बंगाल के नवाब, मिर्ज़ा मुहम्मद सिराज उद दौला के बीच 9 फरवरी 1757 को हुई थी।

अलीनगर की संधि, 1757- कारण, प्रावधान और परिणाम Read More »

Ghiyasuddin Balban introduced Paibos and Sijdah in India

सजदा (या सिजदा) और पैबोस का अर्थ

सजदा और पैबोस एक प्रकार की प्रथा थी जिसे ग़यासुद्दीन बलबन ने अपने शक्ति के प्रदर्शन के लिए शुरू किया था। सजदा और पैबोस फारसी प्रथाएं थीं।

सजदा (या सिजदा) और पैबोस का अर्थ Read More »

इतिहास एक कला है अथवा विज्ञान या इसे कला और विज्ञानं दोनों कह सकते है।

प्राचीन भारतीय इतिहास के साहित्यिक स्रोत

प्राचीन भारतीय इतिहास को जानने में साहित्यिक श्रोतो का बहुत योगदान होता है। साहित्यिक श्रोते भरोसेमंद तथा कारगर साबित होते है।

प्राचीन भारतीय इतिहास के साहित्यिक स्रोत Read More »